Thursday, April 19, 2012

गवाहों की हमदर्दी में 22 अप्रैल को कचहरी में होगा अनशन
इटावा- आई.ए.सी. प्रभारी और पत्रकार/साहि‍त्याकार देवेश शास्त्री पर पुलिस कार्यवाही के परिपेक्ष्य में देश भर में आपराधिक मामलों में गवाहों पर होने वाली शारीरिक - मानसिक प्रताड़ना और हत्याओं की घटनाओं के साथ मुरैना में आई.पी.एस. नरेन्द्र कुमार और मऊ में शहर कोतवाल गोविंद सिंह रामजी की शहादत के मद्देनजर, इंडिया अगेंस्ट करप्शन अभियान के तहत कानपुर-आगरा मंडल के कई जिलों के सत्यनिष्ठ अन्ना समर्थक 22 अप्रैल को इटावा कचहरी में वटवृक्ष के नीचे एक दिन का सांकेतिक अनशन कर, पुलिस महानिदेशक को संबोधित ज्ञापन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सौपेंगे। यह जानकारी इंडिया अगेंस्ट करप्शन अभियान से जुडे़ और माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुरई गुट) के जिला महामंत्री/ कवि प्रदीप मिश्र ने देते हुये कहा है कि अस्तल चौकी क्षेत्र की घटना के गवाहों पर पुलिस की कार्यवाही से साफ झलकता है कि पुलिस राजनैतिक दबाव में है, या अभियुक्तों से भयभीत है अथवा घूसखोरी की विवशता में गवाहों के विरुद्ध कार्यवाही कर रही है। कहा कि जिस हालात से देवेश शास्त्री समेत अन्य गवाह जूझ रहे हैं, उसी हालात से देश भर में हजारों घटनाओं के गवाह जूझते चले आ रहे हैं। ऐसे में इसे जन आंदोलन का मुद्दा बनाया जा रहा है। बताया कि 22 अप्रैल के सांकेतिक अनशन में आईएसी के कानपुर मंडल प्रभारी, रमाबाईनगर, औरैया, मैनपुरी और कन्नौज के प्रभारी भाग लेंगे। ��एकला चलो सिद्धांत�� पर चलने वाले इटावा प्रभारी देवेश शास्त्री के पास तब से लगातार फोन आने का सिलसिला जारी है, जब से उन्हें धारा 107/116 में पाबंद किये जाने की खबर इंटरनेट पर चली। प्रदीप मिश्र ने आई.ए.सी. से संबद्ध जिले भर के तमाम सामाजिक कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों से आगामी रविवार को प्रातः 10 बजे अनशन स्थल वटवृक्ष के नीचे पहुंचने की अपील की है।

Wednesday, March 21, 2012

अपराधियों व अराजक तत्वों से रिश्ता तोड़ पायेगी सपा?

फर्स्ट इम्प्रेशन इज लास्ट इम्प्रेशन, अखिलेश सरकार का व्यवस्था परिवर्तन का संकेत क्या मात्र दिखावा है? ऐसा लोगों का मानना है। उधर सपा के जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने प्रेस वार्ता में कहा- सपा का अपराधियों व अराजक तत्वों से कोई नाता नहीं है। यदि कुछ नेता/कार्यकर्ता ऐसी वृत्ति रखते है। बदल दें, अपराधियों को शह-संरक्षण देना अनुशासन हीनता होगी।

Saturday, March 10, 2012

जनोदगार

विकास किया तो फिर सत्ता सौंप दी। (पंजाब)
भ्रष्टाचार किया तो धूल में मिला दिया। (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड)

Thursday, February 23, 2012

फार्म 17ए ने कराई फजीहत

इटावा- जि‍ले में एक ओर केन्द्रीय चुनाव आयोग ने इस बार के चुनाव में मतदाताओं को अपनी पसंद के साथ-साथ अपनी नापंसदी जताने का अधि‍कार तो दि‍या, लेकि‍न चुनाव आयोग का यह ब्रहमास्त्र इटावा में फजीहत की जड़ बन गया और चुनाव के दो सजग प्रहरी कहे जाने वाले वोटर और पीठासीन अधि‍कारी के बीच जो घटनाक्रम देखने को मि‍ला शायद ही पूर्व में कभी देखने और सुनने में आया हो। इस बारे में इटावा वि‍धानसभा के शहरी क्षेत्र लालपुरा नि‍वासी देवेश शास्त्री ने बताया कि‍ वह सुबह करीब नौ बजे अपना वोट डालने पोलिंग बूथ शि‍वनारायण इंटर कालेज पहुंचे और करीब एक घण्टा लाइन में खडे़ रहने के बाद जब पीठासीन अधि‍कारी से नि‍यम 49 ओ के तहत फार्म 17 ए मांगा तो पीठासीन अधि‍कारी vishvanaath singh ने भी करीब आधा घण्टा अपने पास खड़ा कराये रखने के बावजूद सुरक्षा में तैनात एक सुरक्षा कर्मी से बाहर नि‍कालने का आदेश दि‍या, इस पर तत्काल इस वोटर को मतदान केन्द्र से बाहर का रास्ता दि‍खा दि‍या गया। इस पर तत्काल देवेश शास्त्री ने उप जि‍लाधि‍कारी को अवगत कराया जि‍नकी ओर से सेक्टर मजि‍स्ट्रेट भेज कर घटनाक्रम का पता लगाने की बात कही गई, लेकि‍न कोई भी अधि‍कारी जांच करने उनके मुताबि‍क कोई नहीं पहुंचा। मालूम हो देवेश शास्त्री स्थानीय हि‍न्दी दैनि‍क देशधर्म के सम्पा्दक के साथ-साथ अन्ना हजारे के aई ऐ सी के जिला प्रभारी हैं । पीडि‍त का कहना है कि‍ भले ही फार्म 17ए भरना एक लम्बी प्रक्रि‍या है,लेकि‍न जि‍स पीठासीन अधि‍कारी ने ऐसी बेजा हरकत की है क्या उसे सजा मि‍लेगी या मि‍लनी चाहि‍ये जि‍सने चुनाव आयोग के आदेशों को ही हवा में उड़ा दि‍या। यह तो एक मामला है न जाने कि‍तने और मतदाताओं को इस तरह के वाक्ये से दो चार होना पडा़ होगा, कहा नहीं जा सकता। शायद शर्मिंदगी के चलते वह कि‍सी से कह भी न सके हों। मालूम हो कि‍ बीते चार चरणों के चुनाव में छह सौ से ज्यादा मतदाता फार्म 17ए के जरि‍ये प्रत्‍याशि‍यों के प्रति‍ अपनी नापंसदगी पहले ही जाहि‍र कर चुके हैं।

Wednesday, February 15, 2012

टीम अन्ना के मनीष सिसौदिया व संजय सिंह की मैनपुरी में रैली सफल रही। इटावा, बिधूना (औरैया) बदायूं सहित तमाम प्रभारियों ने सिरकत की। मैनपुरी के बाद इटावा में रैली होनी थी जो पारस्परिक मतभेदों व ग्रुप विशेष द्वारा विरोध की घोषणा के कारण आन्दोलन नेतृत्व ने इटावा रैली निरस्त कर दी थी। इटावा प्रभारी देवेश शास्त्री, बिधुना तहसील प्रभारी एस पी सिंह के साथ टीम अन्ना मैनपुरी से सैफई के रास्ते इटावा आई, और इष्टापथ की पवित्र भूमि को नमन कर उरई के रास्ते ललितपुर, झांसी रवाना हो गई। टीम के सम्मानित सदस्यों ने इटावा प्रभारी देवेश शास्त्री को तनाव मुक्त रहकर सत्यनिष्ठा के इस अनुष्ठान में पुनः सक्रिय होने तथा क्रोध न करने की सलाह दी।