Monday, September 28, 2009

सत्यमेव जयते

दशहरा मेला रामलीला मैदान में एकत्रित हजारों दर्शक, राम और रावण में चला काफी देर युद्ध , मंच के नजदीक बना था रावण का पुतला जो बन उस वक्त तमाशा जब काफी मशक्कत के बाद भी नही फुक पाया
फुका भी, तो आधा - अधूरा ।
लोग ठहाका मारकर हंसपड़े , बात ही कुछ ऐसी थी ।
मेरे मन में विचार आया - अब न्याय के हाथों अन्याय , सद्वृत्ति के हाथों दुर्वृत्ति,
सत्य के हाथों असत्य व सदाचार के हाथों आनाचार का दहन मुश्किल है ,
किंतु काफ़ी जद्दोजहद के बाद पुतला फुक दिया गया।
तब विचार इस निष्कर्ष पर पहुचा सत्य, न्याय, सद्वृत्ति व सदाचार जीतेंगे मगर परेशान कितने ही क्यों न हों।

Monday, September 21, 2009

त्वरित प्रभाव

सदाचार से जुड़े धर्म-ईमान के sms अभियान शुरू हुए एक सप्ताह भी नहीं हुआ कि उसका त्वरित प्रभाव दिखाई देने लगा। अधिकारी, बाबू और कर्मचारी घबडाते हुए इष्टिकापुरी अकेडमी के संस्थापक देवेश शास्त्री व जंग-ऐ ईमान के एंटी करप्शन ग्रुप से सम्बद्ध सेवानिवृत्त अधिकारिओं, कर्मचारिओं व शिक्षकों को ब्लेकमेल कराने को दलालों के माध्यम से प्रलोभन देने लगे हैं, क्योंकि अबतक ऐसे जितने भी भ्रष्टाचार निरोधक अभियान छेड़े गए उनके आयोजकों का मंतव्य दोष पूर्ण रहा लिहाजा वे अपना उल्लू सीधा कर वैभव सम्पन्न हो गए। इसी तरह सामान्य लोगों की दृष्टि में इष्टिकापुरी अकेडमी का यह एंटी करप्शन अभियान भी कुछ ऐसी ही छवि को उभार रहा है।
वास्तविकता यह है कि इष्टिकापुरी अकेडमी रजिस्टर्ड संस्था है। इसने कभी किसी सरकारी, गैरसरकारी योजना में भागीदारी कर अनीति से धनार्जन नही किया। संस्थापक देवेश शास्त्री दरिद्र परिवार से सम्बद्ध होते हुए भी कभी सत्पथ से विचलित नहीं हुए। उन्होंने करीब २५ वर्षों तक अनैतिकता से दूर रहकर आनाचारियों के करीब रहते हुए कीचड में कमल की तरह सदाचार व नैतिकता पर कोई दाग नहीं आने दिया, इसमे दूषित पत्रकारिता, देश के भावी कर्णधारों के भविष्य से खिलबाड़ करने वाली शिक्षा व्यवस्था तथा चाटुकारपरक साहित्य लेखन शामिल है।
उन्होंने अब जो अभियान छेड़ा है वह निश्चित रूप से अब तक अन्य संगठनों द्वारा चलाये गए अभियानों से सर्वथा भिन्न है। इमानदारी के साथ जनसेवा, राष्ट्रसेवा का यह अभियान ;" सत्यम ब्रह्म जगन्मिथ्या " के मूल मन्त्र पर आधारित सद्धर्म की स्थापना का उद्देश्य लेकर यह अभियान छेड़ा गया है।
इष्टिकापुरी अकेडमी के संस्थापक देवेश शास्त्री का सत्य निष्ठा के साथ ऐलान है कि न केवल वे स्वयं बल्कि एंटी करप्शन अभियानसे जुड़े सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारी व शिक्षक कभी ब्लेकमेल नही करेगे। यदि कहीं कोई एंटी करप्शन अभियान ऑफ़ इष्टिकापुरी अकेडमी के नाम पर ब्लेकमेल करे तो आप ब्लेकमेलर का नाम, पता जरूर पूछें। तथा तत्काल ०९२५९११९१८३ पर सूचना दे।

Monday, September 14, 2009

सभी के प्रति हो सद व्यवहार

मिटाना है यदि भ्रष्टाचार, जगाये मन में शुद्ध विचार।
करें सब तौबा तृष्णा से, सभी के प्रति हो सद व्यवहार॥

रिश्वत लेना पाप है , देना है अभिशाप।
रिश्वतखोरी बंद हो, तभी मिटे संताप॥
-देवेश शास्त्री

Sunday, September 13, 2009

अभियान का श्रीगणेश

भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान का श्रीगणेश १२ सितम्बर २००९ को एस एम् एस के द्वारा सदाचार शीर्षक से धर्म-ईमान का संदेश जनपद स्तरीय अधिकारिओं, प्रतिष्ठित नागरिकों के पास भेजने के साथ हो गया है।