Thursday, February 23, 2012
फार्म 17ए ने कराई फजीहत
इटावा- जिले में एक ओर केन्द्रीय चुनाव आयोग ने इस बार के चुनाव में मतदाताओं को अपनी पसंद के साथ-साथ अपनी नापंसदी जताने का अधिकार तो दिया, लेकिन चुनाव आयोग का यह ब्रहमास्त्र इटावा में फजीहत की जड़ बन गया और चुनाव के दो सजग प्रहरी कहे जाने वाले वोटर और पीठासीन अधिकारी के बीच जो घटनाक्रम देखने को मिला शायद ही पूर्व में कभी देखने और सुनने में आया हो। इस बारे में इटावा विधानसभा के शहरी क्षेत्र लालपुरा निवासी देवेश शास्त्री ने बताया कि वह सुबह करीब नौ बजे अपना वोट डालने पोलिंग बूथ शिवनारायण इंटर कालेज पहुंचे और करीब एक घण्टा लाइन में खडे़ रहने के बाद जब पीठासीन अधिकारी से नियम 49 ओ के तहत फार्म 17 ए मांगा तो पीठासीन अधिकारी vishvanaath singh ने भी करीब आधा घण्टा अपने पास खड़ा कराये रखने के बावजूद सुरक्षा में तैनात एक सुरक्षा कर्मी से बाहर निकालने का आदेश दिया, इस पर तत्काल इस वोटर को मतदान केन्द्र से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इस पर तत्काल देवेश शास्त्री ने उप जिलाधिकारी को अवगत कराया जिनकी ओर से सेक्टर मजिस्ट्रेट भेज कर घटनाक्रम का पता लगाने की बात कही गई, लेकिन कोई भी अधिकारी जांच करने उनके मुताबिक कोई नहीं पहुंचा। मालूम हो देवेश शास्त्री स्थानीय हिन्दी दैनिक देशधर्म के सम्पा्दक के साथ-साथ अन्ना हजारे के aई ऐ सी के जिला प्रभारी हैं । पीडित का कहना है कि भले ही फार्म 17ए भरना एक लम्बी प्रक्रिया है,लेकिन जिस पीठासीन अधिकारी ने ऐसी बेजा हरकत की है क्या उसे सजा मिलेगी या मिलनी चाहिये जिसने चुनाव आयोग के आदेशों को ही हवा में उड़ा दिया। यह तो एक मामला है न जाने कितने और मतदाताओं को इस तरह के वाक्ये से दो चार होना पडा़ होगा, कहा नहीं जा सकता। शायद शर्मिंदगी के चलते वह किसी से कह भी न सके हों। मालूम हो कि बीते चार चरणों के चुनाव में छह सौ से ज्यादा मतदाता फार्म 17ए के जरिये प्रत्याशियों के प्रति अपनी नापंसदगी पहले ही जाहिर कर चुके हैं।
Wednesday, February 15, 2012
टीम अन्ना के मनीष सिसौदिया व संजय सिंह की मैनपुरी में रैली सफल रही। इटावा, बिधूना (औरैया) बदायूं सहित तमाम प्रभारियों ने सिरकत की। मैनपुरी के बाद इटावा में रैली होनी थी जो पारस्परिक मतभेदों व ग्रुप विशेष द्वारा विरोध की घोषणा के कारण आन्दोलन नेतृत्व ने इटावा रैली निरस्त कर दी थी। इटावा प्रभारी देवेश शास्त्री, बिधुना तहसील प्रभारी एस पी सिंह के साथ टीम अन्ना मैनपुरी से सैफई के रास्ते इटावा आई, और इष्टापथ की पवित्र भूमि को नमन कर उरई के रास्ते ललितपुर, झांसी रवाना हो गई। टीम के सम्मानित सदस्यों ने इटावा प्रभारी देवेश शास्त्री को तनाव मुक्त रहकर सत्यनिष्ठा के इस अनुष्ठान में पुनः सक्रिय होने तथा क्रोध न करने की सलाह दी।
Friday, February 10, 2012
टीम अन्ना का दौरा निरस्त
मतदाता जागरूकता अभियान के तहत १५ फरवरी को इटावा में टीम अन्ना की रैली होनी थी जिसकी घोषणा स्वयं इंडिया अगेंस्ट करप्शन के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह आज़ाद ने इटावा स्थित देवराज भवन में प्रेस वार्ता के दौरान की थी। इसके बाद इंडिया अगेंस्ट करप्शन के इटावा प्रभारी शास्त्री देवेश ने २५ सदस्यीय आयोजन समिति बनाकर कार्य योजना का विभाजन करने हेतु बैठक बुलाई तो कुछ अराजक तत्वों ने कब्ज़ा जमा लिया और प्रभारी शब्द को लेकर हंगामा काटा, डॉ आशीष कुमार ने कहा - इंडिया अगेंस्ट करप्शन के प्रदेश प्रभारी संजय भी फर्जी हैं , यदि रैली में अरविन्द केजरीवाल या किरण वेदी आदि किसी ने भी देवेश को इंडिया अगेंस्ट करप्शन का प्रभारी संबोधित किया तो वे लोग अलग लाउडस्पीकर लगाकर व पर्चे बाँट कर विरोध करेंगे। अंततः शास्त्री ने इस आयोजन से किनारा करने की घोषणा की और पूर्व प्रधानाचार्य वीरेंद्र सिंह चौहान के ऊपर सारा दारोमदार सौप दिया। साथ ही गणेश ज्ञानार्थी से किसी तरह का समझ्हौता करने से भी इनकार किया। ये सारा बाकया मीडिया में गया आन्दोलन नेतृत्व ने ३ दिन गहनता से परामर्श किया, और आज ९-२-१२ को यह कहते हुए इटावा रैली निरस्त कर दी कि शास्त्री जी को तनाव मुक्त रखने के लिए जरूर है इटावा में रैली न हो । ज्ञात हो कि २१-९-११ को संजय सिंह के साथ मैनपुरी जाकर जनमत संग्रह का सुभारम्भ कराकर शास्त्री ने k k इंटर कालेज में बैठक कराइ थी। बैठक में शराबी, मदकची व अपराधियो की गतिविधि पर संजय ने कहा था ऐसे लोगो को कोर कमिटी से हटा दो। अगले ही दिन २२-९-११ को दुर्घट में शास्त्री घायल हो गया १५ दिन ICU में रहा। ब्रेन इन्ज़र्ड शास्त्री की बजह से अरविन्द कजरी बल का पिछला कर्यक्रम निरस्त हो गया था । ३ बार संजय सिंह ने इटावा आकर देख लिया अब शास्त्री स्वस्थ हैं तो १५ फरवरी का कार्यक्रम तय हुआ , दुर्भाग्य ही कहेंगे कि टीम अन्ना इटावा आते आते रह गयी। दूसरी ओर गणेश ज्ञानार्थी ने पोल-खोल आन्दोलन का ऐलान किया । इंडिया अगेंस्ट करप्शन के इटावा प्रभारी शास्त्री देवेश ने पोल-खोल आन्दोलन की घोषणा के लिए ज्ञानार्थी को धन्यवाद देते हुए स्वयं अपनी सच्चाई उजागर की ।
Subscribe to:
Comments (Atom)
