Sunday, December 4, 2011
जंग में लगी जंग
इंडिया अगेंस्ट करप्शन में अब कोई को-आर्डिनेटर (प्रभारी) नहीं , यह बात बार-बार इटावा के ३ ऐसे कार्यकर्ता चिल्ला रहे हैं जिन्हें १७-१८ नबम्बर को प्रशिक्षण लेने इलाहाबाद गए थे मैं उन महापुरुष को नतमस्तक होकर प्रणाम करता हूँ जिन्होंने अंततः अभियान इटावा में तो हाईजेक करने में कामयाबी हासिल कर ली । ब्रेन की चोट से जब अचेत था आई सी यु में था , जो लोग देखने गए थे वे बताते हैं की मैं इसी अभियान के लिए चिल्ला रहा था मुझे जाने दो मीटिंग होनी है मुझे अध्यक्षता करनी है। हालाकि यदि मैं ऐसा बक रहा था तो क्यों ? यह आधात्मिक दृष्टि से देखिये , जब चेतनता आई तो जंग में लगाती जंग से दुखी नहीं प्रफुल्लित हूँ तो क्यों ?
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