Saturday, December 17, 2011

पागल?

बाबा भारती का घोड़ा सुल्तान को हाइजेक करने वाले खडग सिंह द्वारा यह नहीं कहलवाया राइटर ने कि बाबा पागल हो गया है। मगर इस कहानी में हाइजेकर ने मुहिम छेड़ रखी है झूठी अफवाह फैलाने की कि शास्त्री पागल हो गया है। पहले यह झूठी अफवाह फैलाई गई थी कि शास्त्री स्वयं भू को-आर्डिनेटर बनकर लोगो को भ्रमित कर रहा है, उससे सावधान रहें।
मैं आज वह हालात बताकर हल्का होना चाहता हूँ कि सच्चाई क्या है?
१- सत्य निष्ठ प्रशासनिक सेवा अधिकारियो,कर्मचारियो के संगठन सत्यमेव जयते का प्रारम्भिक गैर अधिकारी सदस्य हूँ, इस नाते ३० जनवरी २०११ को देश के चुनिन्दा जगहों पर हुए रूट मार्च में इटावा शामिल था, मुझे को-आर्डिनेटर बनाया जा चुका था। IAC की वेबसाइट पर मेरा नाम लगातार देखा जाता रहा।
3- ३० जनवरी २०११ को देश के चुनिन्दा जगहों पर हुए रूट मार्च में इटावा में ५० संगठनों ने सहभागिता की एक महत्वाकांक्षी ग्रुप ने इकाई होते हुए नेतृत्व दिखाने की कोशिश की ।
- 6 march2011 को लखनऊ में बैठक में अप्रैल में आन्दोलन पर चर्चा हो रही थी - राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन में किस जिले से कितनी भीड़ आ सकती है। तमाम को-आर्डिनेटर कह रहे थे मै १०० लोगों की भीड़ , मै २०० लोगों की भीड़ ......... मैं उठा, मंच पर गया अरविन्द केजरीवाल के कान में कहा- इटावा से १ भी आदमी नहीं आएगा। वे वोले क्यों आप तो सक्रीय साथी हो। मैंने कहा - मैं नेता नहीं जो भीड़ लेकर आऊं १०० लोगों के आवागमन, भोजन आदि के लिए किसी की कृपा पर केन्द्रित होना पड़ेगा, मैं नहीं आ सकता। हाँ इटावा में १०-५ हजार की भीड़ जरुर हो जाएगी। अरविन्द केजरीवाल ने संचालक को पीछेकर माइक पकड़ा और कहा - आन्दोलन इस सत्यनिष्ठा से चलना चाहिए। लखनऊ के लोग लखनऊ में प्रदर्शन करें , कानपुर के कानपुर में , आगरा के आगरा में , इटावा के इटावा में ।
५- अप्रैल में अन्ना की अगुआई में अनशन की घोषणा हुई, इटावा में भी अनशन के साथ विभिन्न दलों के अध्यक्षों व जन प्रतिनिधियों को ज्ञापन देकर यह अनुरोध करने की योजना बनाई गई कि सभी स्थानीय नेता अपने हाई कमान से कहें- जन-लोकपाल का समर्थन करें। इतने में स्वनाम धन्य साथी ने आकर निवेदन किया - मै अभियान से जुड़कर आमरण अनशन करूंगा। मैंने अनुमति दे दी । वे महाशय पुराने खिलाड़ी है के चुनाव भी लड़ चुके हैं ।

क्रमशः जरी



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