डॉ० रामगोपाल यादव ने कहा है- इटावा में अनशन करने वाले भ्रष्ट हैं।
इस कथन में कुछ सत्यता हो सकती है लेकिन सब भ्रष्ट नहीं हैं ये मेरा दावा है। स्वतः स्फूर्त आन्दोलन में आचरण का मूल्याकन कर इंट्री देना असंभव है। ११ दिसंबर के उपवास में मैंने अपने वक्तव्य में कहा- सत्य निष्ठ लोग ही कुछ परिवर्तन ला सकते हैं- मिटाना है यदि भ्रष्टाचार, जगाएं मन में शुद्ध विचार । करें हम तौबा तृष्णा से, सभी के प्रति हो सद व्यवहार॥ ऐसा आचरण नहीं होना चाहिए जो खद्दरधारी उंगली उठाने का साहस कर सकें।
देवेश शास्त्री, को-आर्डिनेटर इंडिया अगेंस्ट करप्शन इटावा
Sunday, December 11, 2011
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